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पूर्वोत्तर राज्य की सैर (दसवां दिन)

रात को गुवाहाटी की थकान हावी थी सो तुरंत ही नींद आ गयी, सुबह जब आंख खुली तो चाय की तलब हुई, फिर सोचे कि  अब तैयार हो के ही नीचे उतरेंगे, तो फटाफट फ्रेश हो के, नहा धो के हो गए अपने आज की यात्रा के लिए तैयार। लॉज दूसरी मंजिल पर था और लिफ्ट की व्यवस्था नही थी, गुवाहाटी रेलवे स्टेशन प्लेटफॉर्म नम्बर 7 से एकदम सटा होने के कारण ही बुक किया लेकिन ये नही पता था कि रूम्स दूसरी मंजिल पर है, फिलहाल किसी तरह नीचे उतरे और आसाम की इस ट्रिप की अंतिम चाय का स्वाद लिए, चाय बहुत अच्छी लगी जो कि लॉज के ठीक बगल में ठेले पर बिक रही थी तो एक चाय और पी गए, तभी कुछ वेंडर्स दिखाई दिए जो स्टेशन पर अपना सामान बेचने जा रहे थे उनसे चना मसाला भी ले लिए जिसे हम लोग चने की घुघरी के नाम से जानते हैं। अब समय हो चुका था स्टेशन पे पहुचने का क्यों कि हमारी ट्रेन सुबह 7 बजे की थी जो कि 6:30 बजे ही गुवाहाटी रेलवे स्टेशन पर आ जाती है। अपने लॉज से चेक आउट करने के बाद हम लोग आए प्लेटफॉर्म नम्बर 7 पर, फिर   ओवर ब्रिज के सहारे पहुचे प्लेटफार्म नम्बर 1 पर, हम लोगों के पहुचते ही हमारी आज की ट्रेन के आने का एनाउंसमेन्...

पूर्वोत्तर राज्य की सैर (नौवां दिन)

चलिए शुरू करते हैं आज का सफर कल रात सोने में थोड़ा देर हो गया था और  थकान भी हावी थी तो सबके साथ डिनर करके आते ही नींद आ गयी, कुछ मीठे अनुभवों और अंकल जी द्वारा पुराने समय की कहानी को सुनने के बाद मन तो एकदम प्रफुल्लित था क्यों कि आप जिस जगह घूमने जाते हैं और वँहा मौजूद गाइड से भी बेहतरीन अनुभव वँहा की ज़िंदगी जीने वाला शख्स ही बता सकता है और हमारे होस्ट अंकल ऐसे ही थे, इस उम्र में भी एनर्जेटिक, उनके अनुभव सुनते हम लोगों का डिनर भी रेडी हो गया और सब लोग खाना भी खा लिए वो भी बड़े चाव से । आज दिन था अरुणाचल से हम लोगों के रुख़्सती का, न चाहते हुए भी उस क्षेत्र को छोड़कर अपने कर्म भूमि के लिए निकलना जरूरी था। अरुणाचल के मोनपा ट्राइब के लोगों द्वारा इतना प्यार,स्नेह,अपनापन मिला कि जीवन पर्यन्त वो अनुभव भुलाये नही जा सकते। उन्होंने अपने सभ्यता के अनुसार हम सभी लोगों को 'खड़ा' से सम्मानित करते हुए अपने टेमरी परंपरा का निर्वहन किया। इसमे एक सफेद गमछे/अंगवस्त्र की तरह के कपड़े को मंत्रोच्चार करते हुए सभी को गले मे पहनाया जाता है, और बच्चों को यही प्रक्रिया हरे धागे से संपादित की जाती है जिन्ह...